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अपहरण कर फिरौती वसूलने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का खुलासा, छः शातिर आरोपी गिरफ्तार

– कृष्णानगर पुलिस एवं सर्विलांस टीम दक्षिणी की संयुक्त बड़ी कार्यवाही।
– कब्जे से 04 कूटरचित पुलिस अधिकारी के आईडी कार्ड, 02 अवैध तमंचा 03 जिन्दा कारतूस,
2.50 लाख नगद एवं घटना में प्रयुक्त स्कार्पियो वाहन एवं दो कूटरचित नम्बर प्लेट बरामद।
(संन्तोष उपाध्याय)
कृष्णा नगर। अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के अन्तर्गत पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मो0 मुश्ताक के निर्देशन एवं अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी रल्ला पल्ली वसंथ कुमार के कुशल पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णानगर, अभिषेक कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक कृष्णानगर, प्रद्युम्न कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम एवं सर्वि लांस सेल, जोन दक्षिणी की संयुक्त कार्यावाही में अपहरण कर फिरौती वसूलने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के 06 शा तिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर कब्जे से 02 अवैध तमंचा 03 जिन्दा कारतूस, 2.50 लाख रुपये नगदी एवं घटना में प्रयुक्त स्कार्पियो वाहन बरा मद। बीते दिनों में पीड़ित सुदर्शन घोष पुत्र स्व0 वीरेन्द्र चन्द्र घोष निवासी साकेत अपा र्टमेंट पोस्ट आफिस राजेन्द्र नगर मवइया चैराहा थाना आलमबाग लखनऊ की तह रीरी सूचना दी गयी, जिसमे आफिस जाते समय 05 अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पुलिस वाला बताकर जबरन गाड़ी मे बैठा कर असलहे से डरा-धमका कर मेरा अपहरण कर लिए और मेरे साथ मार-पीट कर जान से मारने की धमकी देते हुए मेरी पत्नी के पास फोन करके फिरौती की मांग की जिसके बाद फिरौती में मांगी गयी नगदी व ज्वैलरी मेरी पत्नी से लेने के संबंध प्रार्थना पत्र दिया। प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कृष्णानगर में मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मो0 मुश्ताक ने बताया कि आ रोपियों की गिरफ्तारी एवं माल बरामदगी हेतु पुलिस उपायुक्त दक्षिणी द्वारा 08 टीम का गठन कर, सर्विलांस सेल जोन दक्षिणी को भी लगाया गया।
गठित पुलिस टीम द्वारा 220-240 सीसीटीवी फुटेज, टैक्निकल एवं मैनुअल साक्ष्यों एवं स्थानीय सूचना तंत्र के माध्यम से प्रकाश में आये आरोपी अनुराग, लवी कुमार, दीपांशु कुमार, अनुराग कुमार, आकाश चैधरी, मनीष कुमार को गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही पूर्णकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया किया गया। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
घटना के सम्बन्ध में पूछ ताछ करने पर अभियुक्तों ने बताया गया कि हम लोगों का संगठित गिरोह है। जिसमे अलग-अलग राज्यों के कई शातिर अपराधी शामिल है। हम लोग ऐसे लोगो को खोजते रहते है, जिन लोगो के पास काफी पैसा होता है। हम लोगो द्वारा योजनाबद्ध तरीके से पहले ऐसे लोगो की रेकी की जाती है और रेकी करने के बाद हम लोग घटना को अंजाम देते है, लखनऊ की जो घटना हम लोगों ने कारित की है, इसकी जानकारी हमारे गैंग के सदस्य जो लखनऊ के ही रहने वाला है और वादी का करीबी है, उसके द्वारा वादी की गतिविधियों के बारे में बताया था कि इनके पास काफी धन है यदि हम लोग मिलकर घटना को अंजाम दे तो काफी पैसा मिल सकता है, जिस कारण हम लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से लखनऊ में रहकर वादी के आने-जाने की रेकी करने लगे एवं एक दिन मौका मिल ने पर सुदर्शन के आफिस के पास से दिनांक 12.09.2026 को अपना परिचय पुलिस अद्दि कारी बताते हुए एवं फर्जी कूटरचित पुलिस अधिकारी का आईडी कार्ड दिखाकर पूछताछ के लिए पीड़ित को गाडी मे बैठा लिया एवं वादी को डराया धमकाया एवं मौके से फरार हो गये, एवं पीड़ित को धमकाया कि अपने घर से पैसा मंगा कर हम लोगो को लाकर दे एवं वादी से जबरदस्ती उसके घर पर उसकी पत्नी को फोन कराया और बोला कि वादी को छोड़ने के बदले में पैसे के फिरौती की मांग की एवं न देने पर जान माल की धमकी दी, कुछ समय बाद हम लोगों को वादी के ड्राइवर द्वारा 13 लाख रुपये नगदी तथा सोने चाँदी के जेवर फिरौती के रुप में मिलने पर सुदर्शन को शहीद पथ के पास छोड कर चले गये थे एवं हम लोग घटना को अंजाम देने के बाद अलग- अलग राज्यों में चले गये थे। घटना में जिन गाड़ियों का हम इस्तेमाल करते है उन पर कूटरचित नम्बर प्लेट लगा देते है, जिससे पुलिस हम लोगो को पकड़ न सके। घटना से प्राप्त नगदी तथा ज्वैलरी को आपस में बांट लिया था एवं प्राप्त कुछ पैसे को एसो आराम में खर्च कर दिया था तथा अगली घटना को अंजाम देने के लिये दोबारा लखनऊ आये थे कि आप लोगो द्वारा पकड लिया गया। इस घटना का खुलासा करने हेतु घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25000ध्-रूपये के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है।

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