(राममिलन शर्मा)
तेजगांव रायबरेली मे मकर -संक्रांति एवं लोहड़ी पर्व धूम धाम से मनाया गया। सर्वप्रथम संस्कृत साहित्य के प्रकाण्ड विद्वान श्री देवेंद्र शुक्ल जी ने अपनी स्पीच से लोहड़ी एवं मकर संक्रांति पर्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। तत्पश्चात प्राइमरी विंग के विद्यार्थियों ने भावपूर्ण नृत्य के माध्यम से अपने हर्षोल्लास को व्यक्त किया। अपने उद्बोधन में प्र धानाचार्य श्री इंद्र विक्रम सिंह जी ने कहा कि लोहड़ी का पर्व न केवल कृषि संस्कृति से जुड़ा हुआ है, बल्कि यह प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण संबंध और जीवन में नए आरंभ का प्रतीक भी है।
मकर संक्रांति पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान भास्कर अप ने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उसके घर जाते हैं। चूँकि शनि देव मकर राशि के स्वामी हैं, अतः इस दिन को मकर संक्रा न्ति के नाम से जाना जाता है। मकर संक्रान्ति के दिन ही गंगाजी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होती हुई सागर में जाकर मिली थीं। अंत में प्रधानाचार्य जी ने समस्त विद्यालय परिवार को लोहड़ी एवं मकर-संक्रांति पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व आप के जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की सौगात लाए, और साथ ही प्रेम, भाई चारे और सौहार्द की भावना को और भी प्रगाढ़ करे। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल मे धूमधाम से मनाया गया मकर-संक्रांति एवं लोहड़ी पर्व
