(सन्तोष उपाध्याय)
लखनऊ। आर्यकुल काले ज आफ एजुकेशन के पत्रका रिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा हिंदी पत्रकारिता दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंदी पत्रकारिता के इतिहास, विकास तथा वर्तमान परिदृश्य में उसकी प्रासंगिकता पर विस् तार से चर्चा की गई। कार्य क्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के निदेशक डा. सशक्त सिंह द्वारा किया गया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के वल समाचारों के प्रसार का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक, शिक्षित तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सजग बनाने का एक प्रभावी साधन भी है। उन्होंने विद्यार्थि यों से निष्पक्ष, उत्तरदायी एवं जनहित को सर्वोपरि रखने वाली पत्रकारिता अपनाने का आह्वान किया। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभा गाध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार डा. अजय शुक्ला ने हिंदी पत्रका रिता के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 30 मई 1826 को ‘उदन्त मार्तण्ड’ के प्रकाशन के साथ हिंदी पत्रका रिता का शुभारंभ हुआ था।
उन्होंने कहा कि समय के साथ हिंदी पत्रकारिता ने अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए निरंतर विकास किया है और डिजिटल युग में भी अपनी प्रासंगिकता बनाए रखी है। उन्होंने विद्यार्थियों को पत्र कारिता के बदलते स्वरूप तथा नई तकनीकों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर बल दिया। एकेडमिक कोआर्डिनेटर डा. रेखा सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने देश की सामा जिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का दायित्व केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज को सकारा त्मक दिशा प्रदान करना भी है। इस अवसर पर डीन एके डमिक्स रुचि सिंह, रजिस्ट्रार एस.के. तिवारी तथा अध्याप कों में डा. अलका चैधरी, डा. अंकिता अग्रवाल, डा. अब्दुल रुब खान, डा. गौरव मिश्रा, प्रणव पांडेय, वत्सल श्रीवास्तव एवं मुस्कान राजपूत सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक गण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन हिंदी पत्रकारिता के महत्व, चुनौतियों एवं संभावनाओं पर सार्थक चर्चा के साथ हुआ।
विद्यार्थियों ने भी हिंदी पत्र कारिता के विभिन्न आयामों पर अपने विचार साझा किए तथा इसके उज्ज्वल भविष्य पर विश्वास व्यक्त किया।
आर्यकुल कालेज आफ एजुकेशन में मनाया गया हिंदी पत्रकारिता दिवस
