– एक विधायक, एक मिशन: डा. राजेश्वर सिंह का संकल्प, निःशुल्क रेन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से विद्यालय बनेंगे
– डा. राजेश्वर सिंह की ‘डिजिटल से ग्रीन स्कूल’ पहल: 60 डिजिटल लैब युक्त विद्यालय
– शिक्षा, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ रहा है नेट जीरो सरोजनीनगर मिशन 2040
(सन्तोष उपाध्याय)
लखनऊ। पर्यावरण संरक्ष ण, जल सुरक्षा और सतत वि कास की दिशा में एक अभिनव एवं दूरदर्शी पहल करते हुए सरोजनीनगर विधायक डा. राजेश्वर सिंह ने सरोजनीनगर के विद्यालयों को पत्र लिखकर नेट जीरो सरोजनीनगर मिशन 2040 के अंतर्गत निःशुल्क रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित कराने का आमंत्रण दिया है। इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों को जल संरक्षण, पर्यावरणीय नेतृत्व और सतत विकास के केंद्र के रूप में विकसित करना है। यह देश की किसी भी वि धानसभा में अपनी तरह का पहला अभियान होगा। इस पहले डा. राजेश्वर सिंह द्वारा पूर्व में डिजिटल लैब से सुस ज्जित किए गए 60 विद्यालयों को सबसे पहले डिजिटल से ग्रीन स्कूल की दिशा में आगे बढ़ने का आमंत्रण दिया गया है। इन विद्यालयों में निःशुल्क रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित कर उन्हें नेट जीरो सरोजनीनगर मिशन 2040 का अग्रदूत बनाया जाएगा। इसके साथ ही अन्य विद्यालयों को भी इस अभियान से पत्र लिख कर जुड़ने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह पहल शिक्षा, तकनीक और पर्यावरण संरक्ष ण को एकीकृत करते हुए सरो जनीनगर को देश के लिए एक माडल विधानसभा के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विद्यालयों को लिखे अपने पत्र में डा. राजेश्वर सिंह ने कहा, “मैं मानता हूँ कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसके विद्यालयों में आकार लेता है। हमारे विद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं, बल्कि समाज में परिवर्तन के सबसे प्रभावी माध्यम भी हैं। यदि हमें सरो जनीनगर को भारत की पहली नेट जीरो विधानसभा बनाना है, तो इसकी शुरुआत हमारे विद्यालयों से ही होगी। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सब से बड़ा भूजल उपभोक्ता देश है और प्रतिवर्ष लगभग 251 अरब घन मीटर भूजल का दो हन करता है। जलवायु परिव र्तन, अनियमित वर्षा और लगा तार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए अब केवल जाग रूकता पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवहारिक क्रियान्वयन आवश् यक है। जब विद्यार्थी स्वयं दे खेंगे कि वर्षा की प्रत्येक बूंद किस प्रकार भूजल का पुनर्भ रण करती है, तब जल संरक्षण उनके लिए केवल पाठ्यपुस् तक का विषय नहीं बल्कि जी वन का संस्कार बन जाएगा। इस पहल के अंतर्गत इच्छुक विद्यालयों में रेन वाटर हार्वे स्टिंग प्रणाली पूर्णतः निःशुल्क स्थापित की जाएगी। विद्याल यों को किसी प्रकार का वि त्तीय व्यय नहीं करना होगा। नेट जीरो सरोजनीनगर मिशन 2040 की तकनीकी टीम विद्या लय परिसर का सर्वेक्षण, उप युक्त डिजाइन, स्थापना तथा आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगी, ताकि प्रत्येक विद्यालय वर्षा जल संरक्षण का एक प्रभावी माडल बन सके।
डा. सिंह ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल रेन वाटर हार्वेस्टिंग तक सीमित नहीं है। सहभागी विद्यालयों को चरणबद्ध रूप से ग्रीन स्कूल एवं लिविंग ग्रीन डेमान्स्ट्रेशन सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ विद्यार्थी व्यवहा रिक रूप से रेन वाटर हार्वेस् िटंग, भूजल पुनर्भरण, क्लाइमेट रेजिलिएंस, ऊर्जा दक्षता, सौर ता संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी तथा सतत जीवनशैली जैसे विषयों को सीखेंगे। विद्यालयों में स्थापित रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली विद्यार्थियों के लिए लिविंग लेबोरेटरी का कार्य करेगी, जहाँ वे प्रत्यक्ष रूप से जल संरक्षण की वैज्ञानिक प्रक्रिया को समझ सकेंगे।
इससे पर्यावरण शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर व्यवहारिक अनुभव में परिवर्तित होगी और विद्यार्थी अपने परिवार एवं समाज में भी पर्यावरण संरक्षण के प्रभावी दूत बनेंगे। डा. राजेश्वर सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल जल संरक्षण नहीं, बल्कि विद्या लयों को पर्यावरणीय नेतृत्व, नवाचार और सतत विकास का केंद्र बनाना है। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों, प्रबंधकों और शिक्षकों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता का आह् वान किया।
उन्होंने कहा कि नेट जीरो सरोजनीनगर मिशन 2040 के माध्यम से जल संर क्षण, स्वच्छ ऊर्जा, हरित अवसंर चना और जनभागीदारी को एकीकृत करते हुए सरोजनीनगर को भारत की पहली नेट जीरो विधानसभा बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। डिजि टल से ग्रीन स्कूल का यह माडल देशभर के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनेगा और भविष्य में अन्य विधान सभा क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत होगा। अपने संदेश के अंत में डा. राजेश्वर सिंह ने कहा, भविष्य उनका नहीं होगा जो समाधान की प्रतीक्षा करेंगे, भविष्य उनका होगा जो समाधान स्वयं बनेंगे।
आइए, हम सब मिलकर नेट जीरो सरोजनीनगर मिशन 2040 के माध्यम से सरोजनी नगर को भारत की पहली नेट जीरो विधानसभा बनाने के संकल्प को साकार करें।
डा. राजेश्वर सिंह की पहल से विद्यालयों को निः शुल्क रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जोड़ने का अभियान
