(राममिलन शर्मा) रायबरेली। टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत संचालित 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत बुधवार को राजकीय संप्रेषण गृह में स्क्रीनिंग अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान 50 किशोरों सहित स्टाफ एवं अन्य लोगों को मिलाकर कुल 64 व्यक्तियों का एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन से परीक्षण किया गया। एआई रिपोर्ट के अनुसार 3 व्यक्तियों के एक्स-रे में असामान्यता पाई गई, जिनमें टीबी की संभावना को देखते हुए उनके स्पुटम सैम्पल आगे की जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. अनुपम सिंह ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि इसका मुख्य फोकस उच्च जोखिम वाली आबादी की सक्रिय पहचान और जांच पर है। उन्होंने कहा कि अभियान में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग, डायबिटीज व एचआईवी मरीज, टीबी रोगियों के संपर्क में रहने वाले, पूर्व टीबी मरीज, कुपोषित व एल्कोहॉल सेवन करने वाले लोग विशेष फोकस में हैं, क्यों कि इन समूहों में टीबी का खतरा अधिक होता है। ऐसे व्यक्तियों की समय पर जांच अत्यंत आवश्यक है। डाॅ. सिंह ने कहा कि अभियान की सफलता जनभागीदारी पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी की जांच और उपचार निःशुल्क उपलब्ध है। टीबी के लक्षणों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना, गले में गांठ या बलगम के साथ खून आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। उन्होंने बताया कि जनपद में तीन हैंडहेल्ड एक्स- रे मशीनों के माध्यम से उच्च जोखिम वाली आबादी की सक्रिय स्क्रीनिंग की जा रही है। 24 मार्च से प्रारंभ इस अभियान के तहत अब तक 8763 उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की जांच की जा चुकी है, जिनमें 28 टीबी मरीजों की पुष्टि हुई है। कार्यक्रम में अभय मिश्रा (जिला प्रोग्राम समन्व यक), मनीष श्रीवास्तव (जिला पब्लिक-प्राइवेट मिक्स समन्व यक), अतुल कुमार (पीएमडी टी समन्वयक), के.के. श्रीवास्तव (वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक), देवकी नंदन (एक्स-रे टेक्नीशियन), रनबहादुर वर्मा (अधीक्षक), अमित विक्रम (फार्मासिस्ट), मधुबाला (स्टाफ नर्स) सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
संप्रेषण गृह में टीबी स्क्रीनिंग शिविर आयोजित
