(मनोज मौर्य) रायबरेली। ऊंचाहार क्षेत्र के गांव कंदरावां से मानवता और समाजसेवा की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। गांव निवासी धीरेन्द्र कुमार, जो रोजाना मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, उन्होंने ठंड के मौसम में जरूरतमंदों के लिए मिसाल पेश की है। मकर संक्रांति के अवसर पर धीरेन्द्र कुमार ने अपनी मेहनत की कमाई से 100 गरीब, विधवा और दिव्यांग लोगों को कंबल वितरित किए। कंबल वितरण कार्यक्रम पूरी सादगी के साथ आयोजित किया गया। न कोई दिखावा, न कोई प्रचार, सिर्फ सेवा का भाव नजर आया। धीरेन्द्र कुमार ने बताया कि गरीबों की मदद कर जो सुकून मिलता है, वह किसी भी निजी खुशी से बड़ा होता है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष मकर संक्रांति पर वह इसी तरह जरूरतमंदों को कंबल बांटते आ रहे हैं। कंबल पाकर लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। मौजूद लोगों ने धीरेन्द्र के इस कार्य की जमकर सराहना की और उन्हें समाज के लिए प्रेरणा बताया। लोगों का कहना था कि आज के समय में जब बड़े नेता और संपन्न लोग ऐसे कार्यों से दूरी बना लेते हैं, तब एक साधारण मजदूर आगे बढ़कर सेवा कर रहा है, यह काबिले-तारीफ है। इस अवसर पर प्रेम पासी, मिथुन पासी, राजेश पासी, सनोज पासी, रमेश प्रजापति, धीरेंद्र पासी और मुनीराज पासी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
दैनिक मजदूर धीरेन्द्र कुमार बने मानवता की मिसाल, अपनी कमाई से 100 गरीबों में बांटे कंबल
