(राममिलन शर्मा)
तेजगांव रायबरेली में स्वामी विवेकानंद के जन्मदि वस के उपलक्ष्य में धूमधाम से राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के प्रधानाचार्य श्री इंद्र विक्रम सिंह जी ने स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण से किया। अपने उद्बोधन में संस्थान के प्रधानाचार्य जी ने कहा कि वे केवल सन्त ही नहीं, एक महान देशभक्त, वक्ता, विचारक, लेखक और मानव-प्रेमी भी थे। उन्होंने देशवासियों का आह्वान करते हुए कहा था-ष्नया भारत निकल पड़े मोची की दुकान से, भड़भूँजे के भाड़ से, कार खाने से, हाट से, बाजार सेय निकल पडे झाड़ियों, जंगलों, पहाड़ों, पर्वतों से और जनता ने स्वामी की पुकार का उत्तर दिया। वह गर्व के साथ निकल पड़ी। महात्मा गांधी को आजा दी की लड़ाई में जो जन-सम र्थन मिला, वह विवेकानन्द के आह्वान का ही फल था। इस प्रकार वे भारतीय स्वत न्त्रता संग्राम के भी एक प्रमुख प्रेरणा के स्रोत बने। उनका विश्वास था कि पवित्र भारत वर्ष धर्म एवं दर्शन की पुण्यभूमि है। यहीं बड़े-बड़े महात्माओं व ऋषियों का जन्म हुआ, यही संन्यास एवं त्याग की भूमि है। उन्होंने धर्म को रूढ़ियों से मुक्त कर समाज-सेवा से जोड़ने की वकालत की। उन का संदेश दिया कि इस देश के तैंतीस करोड़ भूखे, दरिद्र और कुपोषण के शिकार लोगों को देवी देवताओं की तरह मन्दिरों में स्थापित कर दिया जाये और मन्दिरों से देवी देवताओं की मूर्तियों को हटा दिया जाये। स्वामी जी के विचार आज भी आधुनिक भारत के निर्माण की आधारशिला है। स्वामी जी के विचारों को अंगीकृत करते हुए युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रय त्नशील रहना चाहिए। इस अवसर पर जूनियर कक्षाओं में निबंध लेखन प्रति योगिता का आयोजन किया गया, जिसमें सृष्टि ने प्रथम मानसी ने द्वितीय और सिद्धि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अव सर पर विद्यालय परिवार के शिक्षक – शिक्षिकाओं सहित कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
धूमधाम से मनाया गया राष्ट्रीय युवा दिवस
