(राममिलन शर्मा)
लखनऊ। बच्चों में एलर्जी की समस्या और उसके प्रभावी प्रबंधन को लेकर इंडियन एके डमी आफ पीडियाट्रिक्स (आई एपी) के लखनऊ चैप्टर द्वारा शनिवार को जनपद के एक होटल में गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में बालरोग विशेषज्ञों ने एनाफिलेक्सिस जैसी गंभीर एलर्जिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए आईएपी लखनऊ चैप्टर की अध्यक्ष डा. शालिनी भसी न ने बताया कि किसी पदार्थ से एलर्जी होने पर कभी-कभी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अत्यधिक प्रतिक्रिया करती है और हिस्टामाइन जैसे रसाय नों का स्राव होता है, जिससे एनाफिलेक्सिस की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने कहा कि “एनाफिलेक्सिस एक गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया है, जो समय पर उपचार न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती है। इसका मुख्य और तत्काल उपचार एपिनेफ्रीन (एड्रेनालाइन) इंजेक्शन है।”
अकादमी के सचिव डा. उत्कर्ष बंसल ने बताया कि एनाफिलेक्सिस के लक्षणों में गले, होंठ और जीभ में सूजन, त्वचा पर लाल दाने या पित्ती, तेज खुजली, सांस लेने में कठि नाई, घरघराहट, सीने में जक ड़न, निगलने में परेशानी, पेट दर्द, दस्त, उल्टी, चक्कर आना, बेहोशी और रक्तचाप का कम होना शामिल है। उन्होंने बता या कि ये लक्षण किसी ट्रिगरकृजैसे भोजन, कीट के डंक या दवाकृके संपर्क में आने के कुछ ही मिनटों में दिखाई दे सकते हैं। बच्चों में यह सम स्या अधिकतर खाद्य एलर्जी से जुड़ी होती है, जबकि वयस् कों में दवाइयों और कीट डंक के कारण अधिक देखने को मिलती है।
डा. बंसल ने बताया कि एनाफिलेक्सिस के त्वरित उपचार और जागरूकता के लिए लखनऊ बालरोग अका दमी द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एनाफिलेक्सिस का तत्काल उपचार एपिनेफ्रीन इंजेक्शन को जांघ के बाहरी मध्य भाग में इंट्रामस्क्युलर रूप से देकर किया जाता है। यह इंजेक्शन केवल अस्पतालों में ही नहीं, बल्कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी उपलब्द्द होना चाहिए। जिन लोगों को पहले एनाफिलेक्सिस हो चुका है या जिनमें इसका खतरा है, उन्हें अपने पास हमेशा एपि नेफ्रीन इंजेक्शन रखना चाहिए और उसे लगाने का प्रशिक्षण भी होना चाहिए।
बाल रोग विशेषज्ञ डा. आशीष वर्मा ने बताया कि भारत में अभी एपिनेफ्रीन आटो-इंजे क्टर उपलब्ध नहीं है, इसलिए इंजेक्शन देने की सही तक नीक सीखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसी उद्दे श्य से आईएपी लखनऊ चैप्टर ने सभी बालरोग विशेषज्ञों और अस्पतालों को एनाफिले क्सिस किट वितरित की है। यह पहल सामुदायिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य कर्मियों को आपात स्थिति से निपटने में सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस मौके पर बाल रोग विशेषज्ञ डा. सलमान खान सहित अन्य बाल रोग विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।
बच्चों में एलर्जी और एनाफिलेक्सिस के प्रबंधन पर जागरूकता गोष्ठी आयोजित
