डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक

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(मनीष यादव) बहराइच। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचा लित समस्त कार्यक्रमों की समीक्षा हेतु विगत शुक्रवार को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न हुई। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान जिला स्वासथ्य शिक्षा सूचना अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में अब तक 03 लाख 13 हजार गोल्डेन कार्ड बनाये गये हैं। योजनान्तर्गत प्रदेश में जनपद की रैंक 31वीं है। डीएम ने निर्देश दिया कि लक्षित व्यक्तियों का अधिक से अधिक कार्ड बनवाया जाय।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि जनपद में 88574 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है। परन्तु तृतीय किश्त के भुगतान में सी.एच.सी. फखरपुर, तज वापुर व शिवपुर की प्रगति शत-प्रतिशत नहीं है। इस सम्बन्ध में समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शत- प्रतिशत लाभार्थियों को भुगतान सुनिश्चित कराये जाने के साथ-साथ 01 से 07 सितम्बर 2021 तक संचालित होने वाले विशेष अभियान के दौरान शत- प्रति शत लाभार्थियों को आच्छा दित किया जाय। डीएम ने यह भी कहा कि उत्कृष्ट करने वाले अधिकारियों एवं कार्मिकों को पुरस्कृत भी किया जाय।
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि 91 प्रतिशत लाभार्थियों का भुगतान किया गया है। नानपारा एवं हुजूरपुर की प्रगति कम पाये जाने पर असं तोष व्यक्त करते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि शीघ्र ही भुगतान की कार्यवाही पूर्ण करें। एफ.आर.यू. के रूप में चिन्हित सीएचसी पर आप रेशन की प्रगति शून्य पाये जाने पर असंतोष करते हुए कारण पूछने पर अधीक्षक मोतीपुर डॉ. अनुराग वर्मा ने बताया कि निश्चेतक न होने के कारण आपरेशन कार्य नहीं हो पा रहा है। इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि सीएचसी मोतीपुर पर शीघ्र निश्चेतक की तैनाती की जाय जिससे शल्य क्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके।
हेल्थ वेलनेस सेन्टर की समीक्षा के दौरान बताया गया कि लक्षित 264 हेल्थ वेलनेस सेन्टर में से 216 पूर्ण रूपेण क्रियाशील हैं, 48 का निर्माण शेष है। कार्यदायी संस्था पैक्सफेड को निर्देश दिया गया कि शीघ्र ही अवशेष सेन्टर को पूर्ण कर हस्तगत करा दें ताकि उन्हें भी संचालित किया जा सके। परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि अस्थायी साधन जैसे अन्तरा इन्जेक्शन, पी.पी.आई.यू.सी.डी. का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुॅचाया जाय। बैठक के दौरान एच.बी.एन.सी. कार्य क्रम, राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम, अन्धता निवारण कार्यक्रम आदि की गहन समीक्षा की गयी एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एस.के. सिंह, उप जिलाधिकारी सदर सौरभ गंगवार आईएएस, जिला विकास अधिकारी राजेश कुमार मिश्र, जिला पंचायत राज अधिकारी उमाकान्त पाण्डेय, जिला विद्यालय निरीक्षक चन्द्रपाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार, एस.एम.ओ. डा. विपिन लिखोरे, यूनीसेफ के डी.एम.सी. संदीप सक्सेना सहित प्रभारी चिकित्साधिकारी व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।

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