डर अच्छा लगता है, अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टालरेंस नीति जरूरी

RAJNITIK BULLET
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एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी
वैश्विक स्तरपर हर देश में बने हजारों कानूनों का विशेष मकसद उस विशेष अपराध के अंजामका प्रक्रिया गत दस्तावेज है, जो अपराधों को रोकने में सहायक होता है। उसी प्रकार अनेक अंतर राष्ट्रीय कानून, ट्रिटीयां भी बनी है जो अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने में सहायक होती है। परंतु मेरा मानना है कि यह प्रक्रियागत दस्तावेज अपनी जगह बिल्कुल ठीक है, परंतु कुछ ऐसा प्रैक्टिकल कानूनी अस्त्र भी होना जरूरी है जिसका डर अपराधी, आपराधिक मानसिकता वाले व्यक्तियों को बहुत गहराई से हो क्योंकि इन कानून रूपी प्रक्रिया के दस्तावेजों के माध्यम से कार्रवाई केलीकेजेस का फायदा उठाकर, न्याय के लिए निचली अदालत से उपरी अदालत तक में लड़ाई लड़ी जाती है जिसमें वर्षों लग जाते हैं, तब तक अपराधी अपना पूरा मकसद सहित उम्र बिता देते हैं, जिसमें जनता हलकान होती है। इसलिए भारत ने पिछले एक दो वर्षों से जो बुलडोजर, इनकाउंटर त्वरित एक्शन जैसे कुछ अस्त्रों का कानूनी प्रयोग किया जा रहा है, वह ठीक निशाने पर लग गए हैं। जिसका परिणाम यह हुआ है कि आपराधिक मानसिकता में खौफ का मंजर नजर आने लगा है। अब अपराधियों पर इन अस्त्रों का प्रैक्टिकल रूप देख नए अपराधियों आपराधिक मानसिकता धारित व्यक्तियों की कमर टूटते जा रही है। वह डर के मारे पुलिस प्रशासन को खुद को जेल में रखने की विनती कर रहे हैं, या फिर एक जेल से दूसरे जेल में ट्रांसफर नहीं करने की मिन्नतें और न्यायालय में अर्जी दाखिल कर रहे हैं, ताकि उनका एनकाउंटर ना हो जाए। याने अब जनता कह रही है डर अच्छा लगता है।
साथियों बात अगर हम एक राज्य में पार्किंग विवाद में पुलिस कर्मी की हत्या पर सदन में सीएम के हम माफिया को मिट्टी में मिला देंगे के बयान के दिनांक 1 मार्च 2023 को असर की करें तो, एक हत्याकांड में पूर्व सांसद के करीबियों पर एक्शन शुरू हो गया है। उनके करीबी बिल्डर के घर पर बुलडोजर चल गया है। पूर्व संसद के घर के बगल में रहने वाले बिल्डर की अवैध संपत्ति पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण का बुलडोजर चल गया है। इस दौरान बिल्डर के घर से दो विदेशी बंदूक और एक तलवार बरामद हुई है। हालांकि यह साफ नहीं है कि दोनों बंदूक लाइसेंसी है या नहीं। इस दो मंजिला इमारत में ही हत्याकांड के बाद शूटर, की पत्नी से मिलने आए थे और मिलने के बाद फरार हो गए थे। गौरतलब है कि हत्याकांड के बाद सीएम ने सदन में कहा था कि हम माफिया को मिट्टी में मिला देंगे। उनके इस बयान का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। शूटर के पनाहगारों पर एक्शन तंग गली में बुलडोजर पहुंच गया है और बिल्डर के घर से कीमती सामान को बाहर निकालकर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की गई है। मीडिया के अनुसार उन्होंने हत्याकांड के शूटर को थोड़ी देर के लिए पनाह दी थी। इस वजह से वह पुलिस के निशाने पर आया और आज उनके अवैध निर्माण को जमींदोज किया गया है। मददगारों की कुंडली खंगाल रही है पुलिस वहीं पवारदात के बाद शूटरों के इसी अपार्टमेंट में रुकने की बात सामने आई थी। पुलिस ने इस दौरान पार्किंग में खड़ी पूर्व सांसद की लैंड क्रूजर और मर्सिडीज गाड़ियां कब्जे में ले लिया है। हत्या का मुख्य आरोपी एसटीएफ तलाश रही है। पुलिस उसके परिचितों और मददगारों की कुंडली खंगाल रही है। बता दें कि हत्याकांड के बाद यूपी सरकार एक्शन मोड में है। ध्वस्तीकरण के लिए माफिया के टाप 10 करीबियों की सूची तैयार हो गई है। इन सभी के मकानों पर एक ध्वस्ती- करण के लिए जल्द ही नोटिस चस्पा करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जिला प्रशासन, पीडीए और नगर निगम की संयुक्त टीम कुछ देर में कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
साथियों बात अगर हम एक राज्य में अपराधियों के खिलाफ पिछले दिनों से कार्यवाही की करें तो, अपराधियों द्वारा कब्जाई गई जमीनों को मुघ्क्त कराया जा रहा है। कई लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित किए जा रहे हैं। पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुनादी कर दी है, जिसके बाद वह सरेंडर करने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों में कई अपराधियों के तख्ती लटकाकर थाने में सरेंडर करने पहुंचने के मामले भी सामने आए हैं। बुलडोजर ले जाकर कई जगह अवैध अतिक्रमण हटा दिया गया है। हाल के ही दिनों में कई फरार खूंखार अपराधी पुलिस के सामने सरेंडर करने पहुंचे थे। पुलिस ने बताया कि कई फरार अपराधियों की ऐसी तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं, जिनमें वह गले में तख्तियां लटकाए पुलिस थानों में आत्मसमर्पण करते दिख रहे थे, उनके गले में जो तख्तियां दिख रही हैं उनमें लिखा जा रहा था मैं आत्मसमर्पण कर रहा हूं, प्लीज मुझे गोली मत मारो। उस समय सीएम के निर्देश पर 7 हजार से अधिक अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। हथियारों का गलत इस्तेमाल करने पर एक हजार से ऊपर लोगों के लाइसेंस भी सस्पेंड किए गए थे।
साथियों बात अगर हम एक राज्य में जीरो टालरेंस अपराधिक नीति और 2023- 24 के बजट की करें तो, सीएम प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टालरेंस नीति का असर इस बार के बजट में भी देखने को मिला है। सरकार का दावा है कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित होने से देश ही नहीं विदेशी निवेशक उद्योग स्थापित करने के लिए आकर्षित हो रहे हैं। सरकार ने इस बार वर्ष 2023-24 के बजट में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने और उसके प्रभावी नियंत्रण के लिए 2260 करोड़ रुपये की भारी भरकम धनराशि दी है। इससे जहां पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सरकारी आवास की सुविधा मिलेगी, वहीं विभिन्न जिलों के कमिश्नरेट कार्यालय अपनी भूमि पर संचालित होंगे।
साथियों बात अगर हम एक बाहुबली द्वारा उपरी कोर्ट में दाखिल याचिका की करें तो, बाहुबली नेता ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दाखिल कर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उसने अपनी याचिका में अपील की है कि उसे यूपी की जेल में शिफ्ट नहीं किया जाए। उसने यूपी के मंत्रियों के बयानों को संदर्भित कर यह याचिका दाखिल की है। यहां बता दें कि पूर्व सांसद यूपी की जेल में नहीं, बल्कि गुजरात की जेल में है। अपनी अर्जी में यह भी कहा है कि अगर उसे यूपी की जेल में शिफ्ट किया जाता है, तो उसे केंद्रीय पुलिस की निगरानी में शिफ्ट किया जाए। जाहिर है कि वहां के उप मुख्यमंत्री और एक मंत्री ने यह बयान दिया था कि कभी भी किसी की गाड़ी पलट सकती है। याने उसका फर्जी एनकाउंटर हो सकता है। खघ्ुद सीएम ने बयान दिया है कि आरोपियों को मिट्टी में मिला दिया जाएगा। यहां इससे पहले भी इस तरह के वाकया हो चुके हैं, जब पुलिस ने सूचना दी थी कि गाड़ी पलटने के बाद अपराधी ने भागने की कोशिश की और वह एनकाउंटर में मारा गया। पूर्व सांसद को इसी का भय है। उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें अहमदाबाद जेल से यूपी की जेल में प्रस्तावित ट्रांसफर का विरोध किया गया है। इसमें कहा गया है कि यूपी सरकार के कुछ मंत्रियों के बयान से ऐसा लगता है कि उनका फर्जी एनकाउंटर किया जा सकता है।
साथियों बात अगर हम 1 मार्च 2023 को जी-20 बैठक में आर्थिक भगोड़ों के प्रत्यर्पण संबंधी चर्चा की करें तो, भारत ने जी-20 संगठन के सदस्य देशों का आह्वान किया है कि वे आर्थिक भ्रष्टाचार में शामिल भगोड़ों का तेजी से प्रत्यर्पण करें और उनकी सम्पत्तियां जहां भी हो उसे जब्त किया जाये। गुरूग्राम में आज जी-20 देशों के भ्रष्टाचार विरोधी कार्यसमूह की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कार्मिक, लोक शिकायत राज्य मंत्री ने कहा कि आर्थिक मामलों के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न होने की स्थिति में देश को विभिन्न प्रकार की समस्याओं से जुझना पड़ता है। इस प्रकार की घटनाओं का संसाधनों के उचित इस्तेमाल, नागरिकों की जीवनशैली, आर्थिक विकास तथा शासन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसमें सबसे अधिक नुकसान गरीबों और समाज के पिछड़े वर्गों को होता है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि, डर अच्छा लगता है। अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टालरेंस नीति जरूरी है। बुलडोजर इनकाउंटर, त्वरित एक्शन के डर ने आपराधिक मानसिकता की कमर तोड़ी है। कानून बनाने का मकसद अपराध के अंजाम का प्रक्रियागत दस्तावेज है जो अपराधों को रोकने में सहायक है।

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