मवेशियों को घरों के बाहर न बांधे खेतों में काम करने के पूर्व सावधानी से हाका अवश्य लगाये व खेतों में झुण्ड बनाकर कार्य करें-डीएफओ

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(बीके सिंह) सीतापुर। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन प्रभाग ने बताया कि सामाजिक वानिकी वन प्रभाग, सीतापुर के अन्तर्गत लहरपुर, बिसवां एवं महमूदा बाद रेंज के अन्तर्गत प्रायः यह सूचना प्राप्त हो रही हैं कि हिंसक जंगली जानवर की उक्त रेंजों के विभिन्न ग्रामों में उपस्थिति बनी हुई है। इस सम्बन्ध में जनमानस को अवगत कराना है कि क्षेत्रीय वन अधिकारी के स्तर से गठित टीमों द्वारा लगातार कॉम्बिंगध्गश्त किया जा रहा है तथा लोगों को हिंसक जानवर से सुरक्षा के प्रति सजग करते हुए जागरूक किया जा रहा है, हिंसक जानवर से बचाव हेतु तक नीकी सुझाव भी ग्रामवासियों को दिये जा रहे हैं एवं प्रभा वित क्षेत्रों में हिंसक जानवर को पकड़ने के लिए पिंजड़े भी लगवाये गये हैं। सभी से अपील है कि यदि किसी हिंसक जंगली जानवर की सूचना/जानकारी मिलती है तो प्रभागीय निदेशक, सामा जिक वानिकी वन प्रभाग, सीतापुर मोबाइल नं0-7839435105, उप प्रभागीय वनाधिकारी, बिसवाँ मोबाइल नं0-7905746599ध्7839434890, क्षेत्रीय वन अधिकारी, लहरपुर रेंज का मोबाइल नं0-9670034361 / 7839434726, क्षेत्रीय वन अधिकारी, बिसवाँ का मोबाइल नं0-9415151917/7839434724 तथा क्षेत्रीय वन अधिकारी, महमूदाबाद मोबाइल नं0- 9415188552/7839434728 है। उन्होंने इसके अतिरिक्त यह भी अपील की है कि ग्रामवासी जानवरों को अपने घर के आस-पास ही बांधे। मवेशियों को घरों के बाहर न बांधे खेतों में काम करने के पूर्व सावधानी से हॉका अवश्य लगाये व खेतों में झुण्ड बनाकर कार्य करें। फसल कटाई के समय एक व्यक्ति निरन्तर आस-पास के क्षेत्र में निगाहबाही भी करता रहे। प्रयास यह करें कि हिंसक जानवर के प्राकृतिकवास की तरफ जानवरों को न जाने दें जंगलों के किनारे पालतू पशु न चराये। हिंसक जानवर के निकटवर्ती खेतों या गाँव में साक्षात देखे जाने या खेत में उपस्थिति की सम्भावना होने पर उसे चारों ओर से घेरने का प्रयास कदापि न करें बल्कि उसके लिए रास्ता छोड़ दें ताकि वह स्वयं ही वापस हो जाये घर के आपस-पास की झाड़ी आदि न रहने दें। नियमित रूप से सफाई करें हिंसक जानकर स्वभाव से हिंसक नही होते हैं बल्कि स्वयं के घिरे होने पर माँ बच्चों के साथ होने, अचानक बहुत करीब जाने-अनजाने पहुंच जाने से स्वयं को असुरक्षित महसूस कर ये हिंसक भी हो सकते हैं। यदि सम्भव हो तो बच्चों को खेतों में साथ न ले जाये और प्रत्येक दशा में सूरज ढलने से पहले घरों में वापस लौट आये। रात्रि के अंधेरे में घरों से बाहर न निकले। हिंसक जानवर देखे जाने पर उसके साथ छेड़छाड़ न करें तत्काल उक्त नम्बरों पर सूचना दें।

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