पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय अवैध धन हस्तांतरण सिंडिकेट का किया किया भंडाफोड

RAJNITIK BULLET
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(अशफी खान) प्रयागराज। प्रयागराज पुलिस ने रविवार को एक अंतरराष्ट्रीय अवैध धन हस्तांतरण सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया और उसके एक सदस्य को गिरफ् तार किया। गिरफ्तार आरोपी दुबई में सिंडिकेट के एक अन्य सदस्य के संपर्क में था और अवैध पेमेंट गेटवे के जरिए कैश ट्रांसफर करने और पैसे को क्रिप्टो करेंसी में बदलने में शामिल था। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गिरोह अवैध रूप से नकदी के हस्तांतरण के लिए सैकड़ों बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस आयुक्त प्रयागराज, रमित शर्मा ने कहा कि गिरोह के स्थानीय सदस्य, मेजा खास के कृष्ण अवतार सिंह को जार्ज टाउन पुलिस और साइबर सेल की टीम ने एक ऐप्पल मैक बुक, 5 मोबाइल फोन, एक जाली आधार कार्ड और कुछ नकदी के साथ गिरफ्तार किया था। बीएससी स्नातक कृष्णा से पूछताछ में खुलासा हुआ कि डिजिटल मार्केटिंग कारोबार ठप होने के बाद वह सोशल मीडिया के जरिए दुबई में रहने वाले जय के संपर्क में आया। जय ने उसे अवैध धन हस्तांतरण के रैकेट से परिचित कराया। कृष्णा बैंक खाताधारकों को झांसा देता था और उनका यूजर आईडी, पासवर्ड ले लेता था, जिसे वह जय को मुहैया कराता था। बैंक खातों का उपयोग उन अपंजीकृत आनलाइन गेमिंग ऐप से प्राप्त कई करोड़ रुपये की नकदी को स्थानांतरित करने के लिए किया गया था जो आरबीआई के पेमेंट एग्रीगेटर्स और पेमेंट गेटवे दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करते हैं। कृष्णा और बैंक खाताधारक बैंक खातों में प्रत्येक लेनदेन पर एक निश्चित प्रतिशत प्राप्त करते थे। बैंक खातों में प्राप्त राशि को फिर कृष्णा द्वारा बिनेंस ऐप के माध्यम से क्रिप्टो मुद्रा में परिवर्तित किया गया और जय द्वारा प्रदान किए गए वालेट पते पर स्थानांतरित कर दिया गया। कृष्णा अलग- अलग आनलाइन ऐप पर रजिस्टर करने के लिए जाली पहचान पत्र का इस्तेमाल कर रहा था। आगे की जांच से पता चला कि पिछले दस दिनों के दौरान कृष्णा ने 3.74 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी को क्रिप्टो मुद्रा में परिवर्तित किया और कुछ वालेट पतों पर स्थानांतरित कर दिया। शर्मा ने बताया कि कृष्णा अवतार सिंह के खिलाफ जार्जटाउन थाने में आईपीसी की धारा 419, 420, 466, 467, 468, 470, 471 और 120 बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आकाश कुल्हारी ने कहा कि पुलिस अब बड़ी मात्रा में लेनदेन के सटीक स्रोत के बारे में जांच करेगी। अब तक बिहार, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के करीब 100 बैंक खाते सामने आ चुके हैं। पुलिस सोशल मीडिया समूहों पर नजर रख रही है, जहां मौजूदा बैंक खातों को अवैध उद्देश्यों के लिए थोक में बेचा जाता है और अवैध रूप से नकदी स्थानांतरित की जाती है। कृष्णा ऐसे बैंक खातों की खरीद-फरोख्त में भी शामिल था। उन्होंने हाल ही में लखनऊ में प्रापर्टी और एक एसयूवी खरीदी है।

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