महिला पुलिस परामर्श केंद्र ने मिलाए 383 टूटे परिवार

RAJNITIK BULLET
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(राममिलन शर्मा) लालगंज (रायबरेली)। कोतवाली परिसर में बना महिला पुलिस परामर्श केंद्र टूटे हुए परिवारों के लिए वरदान साबित होता जा रहा है। केंद्र में तैनात पुलिस टीम के प्रयासों से रिश्तो में उपजे तनाव को काउंसलिंग के जरिए जोड़ों के बीच सुलह समझौते करा कर कम किया जा रहा है।
परामर्श केंद्र की शुरुआत से अब तक एक साल दो माह बीत जाने के बाद कुल आए 431 पारिवारिक मामलों में 383 मामलों में सुलह समझौता कराकर जोड़ों को फिर से मिला दिया गया। जिनमें करीब 50 जोड़ों की विदाई केंद्र से ही की गई। जबकि 45 मामलों में दोनों पक्ष समझौते के लिए राजी नहीं हुए। ऐसे मामलों में दोनों पक्षों के विरुद्ध शांति भंग की कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अभी तक मात्र तीन मामलों में ही उत्पीड़न का केस दर्ज किया। 76 ऐसे मामले हैं जो जनता दर्शन के बाद महिला पुलिस परामर्श केंद्र पहुंचे। महिला पुलिस परामर्श केंद्र में आने वाले मामलों ने वादी और प्रतिवादी दोनों पक्षों को बुलाया जाता है। प्रकरण को लेकर उनकी काउंसलिंग की जाती है। कई बार बैठक आयोजित कर दोनों पक्षों को समझाने और राजी होने पर सुलह समझौते के लिए कहा जाता है। समझौते के बाद मिलाए गए जोड़ों की बाकायदा समय-समय पर मानिटरिंग भी की जाती है। कई बार सुलह के बाद दोनों पक्ष परामर्श केंद्र से ही विदाई के लिए राजी हुए तो कई जोड़े लिखित समझौते के बाद एक दूजे के साथ रहने का वादा किया। समस्या हल न होने की स्थिति में केंद्र पुलिस अधीक्षक को अपनी रिपोर्ट भेजता है। ऐसे मामलों में पुलिस अधीक्षक की संस्तुति पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाती है। केंद्र की प्रभारी संतोष कुमारी ने बताया कि महिला पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में आने वाले मामलों में दोनों पक्षों की काउंसलिंग के जरिए सुलह समझौते के लिए उन्हें तैयार किया जाता है। बताया कि अभी तक केंद्र ने 383 परिवारों को टूटने से बचाया है। तीन मामले में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उत्पीड़न का केस दर्ज किया गया।

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